इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता और सशस्त्र सेनाओं के सुप्रीम कमांडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने बुधवार को ईरान की सशस्त्र सेनाओं की रक्षात्मक वैज्ञानिक उपलब्धियों की प्रदर्शनी का दौरा किया। प्रदर्शनी में एंटी एयरक्राफ़्ट रक्षात्मक प्रणाली, विभिन्न प्रकार के विमान, हेलीकाप्टर, चालक रहित विमान, युद्धक नौकाएं और पनडुब्बियां, आधुनिक राडार, इलेक्ट्रानिक युद्ध के उपकरण, साइबर युद्ध के साफ्टवेयर आदि इस प्रदर्शनी में रखे गए थे। प्रदर्शनी में विभिन्न मारक क्षमता वाले मीज़ाइल रखे गए थे जिनमें 2000 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाला सिज्जील मीज़ाइल उल्लेखनीय है। इसी प्रकार उपग्रह ले जाने वाले राकेट भी दिखाए गए।सशस्त्र बलों की सुप्रीम कमांडर ने प्रदर्शनी में साढ़े छह घंटे बिताए और इस अवसर पर अपने भाषण में कहा कि ईरान के रक्षा उपकरणों और हथियारों का उद्देश्य अतिक्रमण करने वाले शत्रु के मुक़ाबले में अपना बचाव करना है जबकि पश्चिमी देशों में हथियारों की पैदावार का लक्ष्य व्यापार करना और हथियार बनाने वाली कंपनियों के बैंक खाते भरना है। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने इस बिंदु को भी रेखांकित किया कि ईरान की रक्षा प्रगति विज्ञान एवं शोध पर आधारित है अतः सशस्त्र सेनाओं के अनुसंधानिक केन्द्रों का सशक्तीकरण और विश्वविद्यायलों की क्षमताओं का भरपूर प्रयोग करना चाहिए।रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा उद्योग में विकास के लिए निरंतर वैज्ञानिक गतिविधियों का जारी रहना आवश्यक है क्योंकि इस नए युग में युद्ध का मैदान पारम्परिक युद्ध के मैदान से भिन्न है। इस समय टेक्नालोजी की युद्ध लड़ा जा रहा है। अमरीका जैसे देश भारी बजट ख़र्च करके आधुनिक शस्त्र यहां तक कि महाविनाश के शस्त्र और नई पीढ़ी के परमाणु हथियार बना रहे हैं और विश्व के अन्य देशों के बारे में उनकी योजनाएं ख़तरनाक हैं अतः अन्य देशों के लिए आवश्यक है कि तकनीक के क्षेत्र में अपनी रक्षा क्षमताओं का आधुनिकीकरण करते रहें क्योंकि आत्म रक्षा एक क़ानूनी एवं तार्किक अधिकार है और इसे उच्च मूल्यों में गिना जाता है। इस्लामी गणतंत्र ईरान ने भी इसी सिद्धांत को दृष्टिगत रखते हुए अपने रक्षा विभागों को निरंतर शक्ति पहुंचाई है। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने प्रदर्शनी में अपने भाषण में ईरान के रक्षा उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि सशस्त्र सेनाओं की वैज्ञानिक गतिविधियों से शत्रुओं की से लगाए गए प्रतिबंध विफल बन जाएंगे और इन प्रतिबंधों का सारा नुक़सान ईरानी राष्ट्र के शत्रुओं को उठाना पड़ेगा।
23 जून 2011 - 19:30
समाचार कोड: 249125
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता और सशस्त्र सेनाओं के सुप्रीम कमांडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने बुधवार को ईरान की सशस्त्र सेनाओं की रक्षात्मक वैज्ञानिक उपलब्धियों की प्रदर्शनी का दौरा किया। प्रदर्शनी में एंटी एयरक्राफ़्ट रक्षात्मक प्रणाली, विभिन्न प्रकार के विमान, हेलीकाप्टर, चालक रहित विमान, युद्धक नौकाएं और पनडुब्बियां, आधुनिक राडार, इलेक्ट्रानिक युद्ध के उपकरण, साइबर युद्ध के साफ्टवेयर आदि इस प्रदर्शनी में रखे गए थे।